ये ज़िन्दगी भी बड़ी अजीब है, ना जाने कब कौन सी राह पे ले चले | कभी कभी लगता है की जैसे ये एक बड़ी सी सड़क है जिस पर हम सभी गाड़ियों की तरह अपनी अलग अलग रफ़्तार से चल रहे है | बचपन तो गाड़ी को चलाने सीखने और उसे सँभालने में ही निकल जाता है और पता ही नहीं चलता की कब जवानी ने आ कर दस्तक दे दी है, तुम भी अपनी मस्ती में चलते हुए एक चौराहे पर रुकते हो | तुम हैरान होकर देखते हो की यहाँ तो बहोत सारी चमचमाती महंगी गाड़िया खड़ी है, हर एक गाड़ी अपने हिसाब से सजी हुयी है, तुम सोचते हो की ये क्या है ??
यह कुछ और नहीं बल्कि तुम्हारी जवानी का स्टार्टिंग पॉइंट है | अभी यहाँ पर लाल बत्ती जल रही है, सभी लोग तैयार है ज़िन्दगी के इस नए सफ़र की शुरुआत करने के लिए | ये वही राह है, जिस पर होते हुए तुम कई नयी जगहों से गुज़रोगे और कई सारी चीज़ें भी तुम्हे हासिल होंगी | नौकरी, शादी, परिवार, पैसा, नाम, मकान ये सभी इन्ही रास्तों पर मिलेंगी लेकिन ये सफ़र इतना आसान भी नहीं होगा क्यूंकि यहाँ ऐसे कई और लोग भी होंगे जो खुद भी इसे हासिल करना चाहेंगे | हो सकता है कुछ किस्मती लोग सब कुछ हासिल कर ले और शायद कुछ लोग कुछ भी नहीं | हर कोई इंतज़ार कर रहा है तो बस उस बत्ती का जो कुछ ही देर में हरी होने वाली है, सभी जल्दी जल्दी सब कुछ हासिल कर लेने की चाह रखते है उनमे से बहुत से ऐसे लोग भी है जिन्हें आगे बढ़ने की चाह तो है मगर वो ज़ल्दबाज़ी नहीं करना चाहते | तभी अचानक हरी बत्ती जल पड़ती है और घूमते हुए टायरों की तेज़ आवाजों के बीच शुरू होता है उम्र का एक और सफ़र…
कुछ तो बड़ी तेज़ी से आगे भी निकल गए है, कुछ अभी एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे है, ऐसा लग रहा है मानो पूरी ज़िन्दगी एक बड़ी रेस में बदल गयी है | सभी जीतना चाहते है…आगे बढ़ना चाहते है, कोई शॉर्टकट, कोई तरीका चाहे वो गलत ही क्यूँ न हो, उन्हें कुछ फर्क नहीं पड़ता | इन्ही लोगो के बीच चलते हुए तुम्हे भी नहीं पता चलता की कब तुम भी इसी रेस में शामिल हो गए हो |
जब ये रेस ख़त्म होती है तब तुम देखते हो की आज तुमने सब कुछ हासिल कर लिया है, नाम, पैसा, रुतबा लेकिन इन सब के बावजूद भी तुम संतुष्ट नहीं हो, खुश नहीं हो क्यूंकि तुमने तो रेस के चलते ज़िन्दगी का मज़ा लिया ही नहीं….अगर तुम थोड़ी देर के लिए भी अपने आप को उन गाड़ियों के काफिलों के बीच से अलग कर धैर्य से आगे बढ़ते तो आज उन सबसे कही ज्यादा खुश और संतुष्ट होते | ऐसा नहीं था की फिर तुम कुछ हासिल नहीं कर पाते, तुम्हे वो सब मिलता जो तुम्हारी किस्मत में लिखा है हो सकता कुछ और बढ़कर मिलता | भले ही और लोगो के हिसाब से तुम्हारे पास उस वक़्त बहुत पैसा, नाम, मकान ये सब नहीं होता मगर तुम्हारे साथ कुछ अच्छे दोस्त और परिवार के वो लोग होते जिनके बिना इंसान की पूरी ज़िन्दगी ही अधूरी है | बुरे वक़्त में मकान, नाम, पैसा सब कुछ साथ छोड़ देता है लेकिन परिवार हमेशा एक ताकत के रूप में तुम्हारे साथ रहता है | अभी भी वक़्त है…. अपनी गाड़ी की रफ़्तार थोड़ी सी कम कर लो , अभी ज़िन्दगी खत्म नहीं हुयी है, तुम्हे कोई रेस भी नहीं जीतनी, अभी अगर किसी चीज़ की ज़रूरत है तो वो है अपनों को साथ लेकर चलने की उनका हाल पूछने की और उनको ये भरोसा दिलाने की…कि मै हमेशा तुम लोगो के साथ हूँ | जिस दिन तुम ये समझ जाओगे, समझ लेना कि उसी दिन से तुम्हारी असली ज़िन्दगी शुरू हो गयी है… …
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