Humour Poem

Azhar’s Secret

Written by Gaurav

“अज़हर का तर्क…”

टोरंटो के मैच में अजहर ले गये टीम,
पहले मैच को जीतकर कर ली ख़ुशी नसीब,

कर ली ख़ुशी नसीब, भाग्य कुछ ऐसा पलटा,
बाकी चारों मैच हार लगा जोर का झटका

फिर भी अजहर खुश थे दुःख तो कोसो उनसे दूर था,
कोई समझ ना सका बात हर प्रेस वाला मजबूर था

हिम्मत कर यही बात पूछने गया एक प्रेस वाला,
हार के मैच भी आप क्यों खुश है, क्या है गड़बड़झाला ??

शांत भाव में प्रेस वाले से बोले जाकर अजहर भाई,
कप हार मै, टॉस नही, टॉस की हार तो उन्हें चखाई

इसी बात से सब खुश है, कोई नही दुःख में डूबा,
हुयी श्रंखला एक एक से ड्रा, मैच बराबरी पर छूटा

Photo by Suzy Hazelwood from Pexels

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About the author

Gaurav

मै और मेरी कलम अक्सर ये बातें करतें, तुम अच्छा सोचते तो ऐसा लिखती, तुम और भी अच्छा सोचते तो मै वैसा लिखती. तुम इस बात को ऐसे कहते, तुम उस बात को वैसे कहते.... मै और मेरी कलम अक्सर ये बातें करतें....

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