जिसे देखते ही जाने क्यूँ, वक़्त ठहर सा जाता है,
मेरी नज़र मे यारों ‘चेहरा’ उसे कहा जाता है
जब कोई चेहरा मेरी नज़र के सामने आ जाता है,
तुम बहुत याद आते हो
जब कोई मुझको भूले दिन की, फिर से याद दिलाता है,
तुम बहुत याद आते हो
मेरे जीवन का सपना था बस एक तेरा प्यार सनम,
वो भी ना मिल पाया हमको किस्मत थी बेकार सनम
वक़्त ने हमसे छीन के खुशियाँ, आँचल मे ग़म भर दिए,
सारे आंसू पी के हम बस ग़म को सहते रह गए
जब हर किस्सा दिल मे मेरे कई तूफ़ान उठाता है,
तुम बहुत याद आते हो
अब तो ज़िन्दगी मेरी बिलकुल वीरानी सी हो गयी,
सुख की नींद तो बैरी होकर जाने कबकी खो गयी
फिर भी मेरे दिल मे तुम अब भी वैसे समाई हो,
मेरे दिल के सागर की तुम आज भी गहराई हो
जब आकर वक़्त कभी किस्सा फिर से दोहराता है,
तुम बहुत याद आते हो
Photo by Manjeet Singh Yadav from Pexels

