“उर्दू के अज़ीम शायर निदा फाजली ने क्या खूब कहा है की… “कभी किसी को मुक़म्मल जहाँ नहीं मिलता, कभी ज़मीं तो कभी आसमां नहीं मिलता” | जरुरी नहीं की हम जो भी चाहे वो हमें मिल ही जाए, किस्मत एक ऐसी नियामत है, जो जिंदगी को अपनी मुठ्ठी में बाँधने का माद्दा रखती है, अगर किसी पर मेहरबान हो जाए तो यक़ीनन उसे बहुत कुछ दे सकती है, लेकिन सिर्फ इस पर ही आश्रित रहना गलत होगा, क्यूंकि हो सकता है तुम आज जिस चीज़ को पाने के लिए परेशान हो, कल उससे भी ज्यादा तुम्हारी तकदीर में लिखा हो | जब दो दिल टूटते है तो ये सारी बातें बेमानी सी लगती है, लेकिन इससे ज़िन्दगी खत्म भी तो नहीं होती | सुख है तो दुःख भी होगा, सुबह है तो रात भी आएगी | अगर ज़िन्दगी को असल में जीना चाहते हो तो सिर्फ आज को सुधारो, कल अपने आप अच्छा हो जायेगा ” -Think Positive ! Be Positive !
जब थी हमको तेरी जरुरत सहारा ना मिला ….
डूबती कश्ती को तूफां में किनारा ना मिला |
खुद तो मुझसे मेरा दिल छीन लिया तुमने मगर….
एक वो हम थे, जिसे प्यार तुम्हारा ना मिला |
तुमसे मिलने की मैंने कोशिशें हज़ारों की….
मुझको तेरी किसी उम्मीद का इशारा ना मिला |
वक़्त की भीड़ के साए में वो खोया ऐसा…..
कि कभी लौट कर हमसे वो दोबारा ना मिला |
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