मैंने सब से पूछ लिया है, पर कुछ न पता चला है,
कोई भी नहीं जानता तुम गए कहाँ खो गए कहाँ ?
गावों से मैंने पूछा गलियों से मैंने पूछा,
हर एक साथी से पूछा, सहेलियों से मैंने पूछा
किसी ने ना दिया पता, तुम गए कहाँ खो गए कहाँ ?
किसी का आँगन रोता है, किसी माँ का दिल रोता है,
कहाँ गया मेरा लाल, दुःख तो सबको होता है
कोई तो आखिर दे बता, तुम गए कहाँ, खो गए कहाँ ?
ये पथराई सी आँखें, तेरा अब भी रास्ता देखे,
जाने कब लौट के आओ तुम और ख़ुशी के आंसूं ढलके
देखूं तेरा अब भी रास्ता, तुम गए कहाँ खो गए कहाँ ?
Photo by Kat Jayne from Pexels

