Poem Romantic Song

Moon

Written by Gaurav

“प्यार की परिभाषा में ‘चाँद’ का अर्थ ‘सुन्दरता’ है | चाँद की अपनी एक अलग आभा है, जिस तरह सूरज दिन की रोशनी में दुनिया के अलग अलग रंग उभारता है, चाँद शांत होकर दुनिया का दूसरा रूप दिखाता है | जहाँ एक और दिन शोर गुल से भरा होता है, वहीँ रात बिलकुल खामोश रहती है क्यूंकि दोनों का ही स्वभाव विपरीत है | सूरज हमेशा तेज़ और गर्म लेकिन चाँद हमेशा शांत और शीतल, दोनों ही अपने प्यार को अपने तरीके से दर्शाने में पारांगत | सूरज अपनी किरणों और बारिश की बूंदों के साथ ‘इन्द्रधनुष’ बना धरती को प्रेम का सन्देश देता है वहीँ चाँद अपनी चांदनी के साथ सारे रंगों को अपने रंग में ढालकर धरती से अपने प्यार का इज़हार करता है और धरती भी दोनों को पूरा मौका देती है अपने प्यार को अपने तरीकों से समझाने का”

आज क्यों चाँद बादलों में छिप के चलता है,
तुम्हारे रूप को शायद ये देख जलता है

सुनहरी रात है ठंडी हवा लहराई है,
तुम्हारे प्यार की खुशबू बिखर आई है,
ये हंसी मौसम मेरे दिल की बात कहता है

नदी का पानी भी कोई धुन सुना रहा,
मुझको लगता है कोई गीत गुनगुना रहा,
जाने क्यों दिल में मेरे दर्द सा रहता है

कैसी तन्हाई है और बस तेरा साथ है,
बोलो चुप से क्यूँ हो क्या कोई बात है,
अपनी चाहत का इज़हार ये दिल करता है

कैसे बोलूं कि मै तुमसे मुझे कुछ कहना है
दिल के ज़ज्बात बताने है, न चुप रहना है,
तुम भी कह दो सब सुनने को दिल करता है

Photo by Vedad Colic from Pexels

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About the author

Gaurav

मै और मेरी कलम अक्सर ये बातें करतें, तुम अच्छा सोचते तो ऐसा लिखती, तुम और भी अच्छा सोचते तो मै वैसा लिखती. तुम इस बात को ऐसे कहते, तुम उस बात को वैसे कहते.... मै और मेरी कलम अक्सर ये बातें करतें....

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