Ghazal Poem Song

Continuation

Written by Gaurav

“ज़िंदगी में कई बार ऐसे मोड़ भी आते है जो हमारी सोच के बिलकुल विपरीत होते है, जिसे हम ‘बुरा वक़्त’ कहकर भूल जाने कि कोशिश करते है लेकिन यदि यही समय हम खुद को सँभालते हुए काट ले तो फिर हमें कभी भी निराश होने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, बस हमेशा ये ध्यान रखना की जो कुछ भी होता है वो अच्छे के लिए ही होता है फिर चाहे वो अच्छा हो या बुरा, यही सोच हमारी पूरी ज़िंदगी को बदलने की काबिलियत रखती है ”

तेरी चाहत के यूँ ही सिलसिले गुज़रते गये,
तुझे पाने की आस लेके हम तरसते गये

मोड़ तो आये कई मेरी ज़िन्दगी में मगर,
तेरी गलियों में आँखें बंद करके चलते गए

जो देखे तुझको तो बस देखता ही रह जाए,
तेरी खुशबू के रंग फिजाओं में बिखरते गये

है याद मुझको वो दिन जब मिले थे हम दोनों,
हमारे प्यार के बादल यूँ ही बरसते गए

लिखा नहीं था मगर किस्मतों में मिलना,
तुम अलग, हम अलग राह पे चलते गये

Photo by Craig Adderley from Pexels

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About the author

Gaurav

मै और मेरी कलम अक्सर ये बातें करतें, तुम अच्छा सोचते तो ऐसा लिखती, तुम और भी अच्छा सोचते तो मै वैसा लिखती. तुम इस बात को ऐसे कहते, तुम उस बात को वैसे कहते.... मै और मेरी कलम अक्सर ये बातें करतें....

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